Thursday, 11 October 2012

सम्पूर्ण क्रांति के इस वैचारिक आधार पर हम समाज के सभी अंगों में ऐसा परिवर्तन चाहते है ,जिससे समता ,स्वतंत्रता ,भ्रातृत्व की भावना के आधार पर नए समाज की रचना हो और एक नए मनुष्य का निर्माण हो सके |
क्रांति का सूत्र पात्र गावों से होगा और गावों की हर एक समस्या का चिंतन सम्पूर्ण क्रांति का पहलू है ,इसलिए रचना ,संघर्ष ,शिक्षण और संगठन की चतुर्विध प्रक्रिया से हम गावों को बदलेंगे |जब गावं बदलेंगे तो शहर भी बदले बिना नहीं रहेंगे |

----जयप्रकाश नारायण (5 जून 1974 को गाँधी मैदान ,पटना में दिए गए भाषण से )

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